यूक्रेन में फंसे भारतीय लोगों के परिवारों की मदद के लिए जारी किए गए दो हेल्पलाइन नंबर
भारत ने मानवीय सहायता के तौर पर यूक्रेन को पोलैंड के रास्ते दवाओं और अन्य राहत सामग्री की पहली खेप मंगलवार को भेजी. विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने मीडिया को बताया कि बुधवार को एक अन्य विमान से पूर्वी यूरोपीय देश को सहायता की दूसरी खेप भेजी जाएगी

युद्धग्रस्त यूक्रेन (Russia Ukraine Crisis) में फंसे छात्रों तथा अन्य लोगों के परिवारों की मदद के लिए दो हेल्पलाइन नंबर (Helpline Number) जारी किए गए हैं. इस बात की जानकारी केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश ने दी. यहां जारी एक बयान के अनुसार, यूक्रेन (Ukraine) में फंसे छात्रों तथा अन्य लोगों के परिवार हेल्पलाइन नंबर 9173572-00001 और 9198154-25173 पर फोन कर सकते हैं. होशियारपुर से सांसद प्रकाश ने चिंतित परिजनों को यूक्रेन में फंसे छात्रों या किसी और के बारे में एक फॉर्म में आवश्यक सूचना देने का अनुरोध किया है. इसमें उनके मोबाइल नंबर, पासपोर्ट (Passport) नंबर और यूक्रेन में उस इलाके की जानकारी होनी चाहिए जहां वे रहते थे तथा साथ ही यूक्रेन के नजदीकी सीमावर्ती इलाकों की सूचना होनी चाहिए.
इस बीच भारत ने मानवीय सहायता के तौर पर यूक्रेन को पोलैंड के रास्ते दवाओं और अन्य राहत सामग्री की पहली खेप मंगलवार को भेजी. विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने मीडिया को बताया कि बुधवार को एक अन्य विमान से पूर्वी यूरोपीय देश को सहायता की दूसरी खेप भेजी जाएगी. उन्होंने कहा, ‘पोलैंड के जरिए यूक्रेन को मानवीय सहायता की पहली खेप लेकर एक विमान सुबह रवाना हुआ.’
भारत की स्थिति देशहित पर आधारित
यूक्रेन संकट को लेकर संयुक्त राष्ट्र में कई प्रस्तावों के आने के बीच विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने मंगलवार को कहा कि भारत सभी प्रस्तावों पर उनकी ”संपूर्णता” और राष्ट्रीय हितों के आधार पर विचार करेगा. यूक्रेन संकट पर कम से कम दो प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने लाए जाने हैं जबकि अन्य प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में लाया जाना है.
श्रृंगला ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा, ‘हम संयुक्त राष्ट्र में ऐसा रुख अपनाते हैं जो बेहद सावधानीपूर्वक विचारों पर आधारित होता है. हम उन पर (प्रस्ताव) पूरी तरह से विचार करेंगे और अपने सर्वोत्तम हित में निर्णय लेंगे.’
विदेश सचिव इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या यूक्रेन के पूर्वी शहर खारकीव में मंगलवार को गोलीबारी में एक भारतीय छात्र की मौत के बाद यूक्रेन संकट पर भारत की स्थिति में कुछ बदलाव आएगा? गौरतलब है कि पिछले सप्ताह, भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पर मतदान में हिस्सा नहीं लिया, जिसमें यूक्रेन पर रूस के हमले की निंदा करने की मांग की गई थी.
Input:tv9
