साहस का बेहतरीन उदाहरण थे पुर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर : आरिफ मोहम्मद खान
नई दिल्ली:पुर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर साहस के बेहतरीन उदाहरण थे। वह ऐसे नेता थे जो भीड़ का विरोध करके भी भीड़ को सही रास्ता दिखा देते थे। चंद्रशेखर ऐसे प्रवृत्ति के नेता थे। ये कथन केरल के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान ने पुर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी की जयंती के अवसर पर नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र (नमो केंद्र), चंद्रशेखर सेंटर फॉर अप्लाइड पॉलिटिक्स एवं युवा भारती ट्रस्ट द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में
नई दिल्ली के इण्डिया इंटरनेशनल सेन्टर में “महामारी के बाद के युग में भारत की जलवायु और विकास को बनाए रखना” विषय पर बोल रहे थे।
केरल के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान ने कहा की जब चंद्रशेखर जी किसी बात या किसी इंसान का समर्थन करते तो दुश्मनों को छोड़िए, दोस्तों के भी नाराज़ होने की परवाह नही करते थे। पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने डॉक्टर गोपाल कृष्ण के बातों की सराहना किया।
मुख्यवक्ता पर्यावरणविद डॉक्टर गोपाल कृष्ण ने दुनिया में हो रहे जलवायु परिवर्तन की जिम्मेदारी और चंद्रशेखर जी की आत्मकथा को जोड़ते हुए कहा की, जलवायु के लिए पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी की सोच को आज दुनिया में लागू होने की आवश्कता है।
इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के अध्यक्ष श्री राम बहादुर राय जी ने अध्यक्षता करते हुए संस्थाओं के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा की पुर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी के निधन के बाद उनकी ऐसी जयंती पहली बार मनाई जा रही है। उन्होंने चंद्रशेखर जी के कुछ अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा की चंद्रशेखर जी की जीवन को भारत के युवाजनों को अपनानी चाहिए।
युवा भारती ट्रस्ट के अध्यक्ष पी एस प्रसाद जी ने चंद्रशेखर जी के यादों को सांझा किया। उन्होंने कहा की पूर्व प्रधानमन्त्री श्री चन्द्रशेखर जी के सहकारी आंदोलनों के विकास मॉडल और आज के समय में इसकी प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।
इस अवसर पर पुर्व प्रधानमंत्री श्री चन्द्रशेखर जी की आत्मकथा जिसे संपादित प्रो सुरेश शर्मा द्वारा किया गया तथा श्री राम बहादुर राय जी की पुस्तक “रहबरी के सवाल” पुस्तक का लोकार्पण केरल के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान द्वारा किया गया। प्रो जसीम मोहम्मद द्वारा केरल के राज्यपाल जी को चंद्रशेखर जी का डाकटिक्ट स्मृति भेंट किया गया। श्री पीएस प्रसाद जी द्वारा पर्यावरणविद डॉक्टर गोपाल कृष्ण को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
युवा भारती ट्रस्ट के सचिव डॉक्टर एचएन शर्मा द्वारा अतिथियों को धन्यवाद देते हुए युवा भारती ट्रस्ट एवं नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र द्वारा एक साथ शोध कार्य करने का रूपरेखा पर अपनी बात कही। उन्होंने प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी की प्रसंशा करते हुए कहा की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विनम्रतापूर्वक देश के सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान को स्वीकार करते हैं, और उन्होंने भारत के विकास पथ को कैसे आकार दिया है। ऐसे समय में सभी के सभी प्रधानमंत्रियों की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए पीएम संग्रहालय का उद्घाटन किया गया। नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र सभापति प्रो जसीम मोहम्मद अतिथियों का स्वागत किया गया।
राज्यपाल महोदय द्वारा इस कार्यकर्म में इस विषय पर भाग लेने वाले अतिथियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया जिसमे प्रो दिव्या तंवर, प्रो नीलम महाजन सिंह, इन दिनों ग्रुप के संपादक एस एम आसिफ, पत्रकार हबीब अख्तर, दिलीप शर्मा, डॉक्टर फरीद चुगतई, अलीगढ़ पब्लिक स्कूल के डॉक्टर दौलत राम शर्मा, जावेद रहमानी, इस्मत चुग़ताई, सूबिया रहमान, तनु मिश्र, कुंदन झा, दीपिका सिंह, आयशा खन्ना को सम्मानित किया गया।
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