पवन खेड़ा के निशाने पर असम के मुख्यमंत्री, पत्नी से जुड़े विवाद पर दिया यह बड़ा बयान।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी पर भ्रष्टाचार के नए आरोप जड़ते हुए दो-टूक कहा कि वे किसी की धमकी से डरने वाले नहीं हैं।

हिमंता बनाम खेड़ा: “मैं मेवाड़ का हूं, डरने वाला नहीं”, असम पुलिस की कार्रवाई पर पवन खेड़ा का तीखा पलटवार
नई दिल्ली/गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइंया सरमा पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद असम और दिल्ली के बीच सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ असम पुलिस ने मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी है। इस बीच, पवन खेड़ा ने एक 8 मिनट का वीडियो जारी कर सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
“मेरी बहन का फोन और लैपटॉप ले गई पुलिस”
पवन खेड़ा ने वीडियो में दिल्ली स्थित अपने घर पर पुलिस की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि उनके घर पर करीब 100 पुलिसकर्मी पहुंचे थे। खेड़ा ने आरोप लगाया:
पुलिस उनकी उस छोटी बहन का पुराना फोन ले गई, जिसकी कोविड के दौरान मृत्यु हो गई थी।
पुलिस ने उनका पुराना लैपटॉप और एक नया आईपैड भी जब्त कर लिया है।
उन्होंने इसे ‘डराने की राजनीति’ करार देते हुए कहा कि जब वे घर पर नहीं थे, तब ऐसी कार्रवाई की गई।
नए दस्तावेजों के साथ दागे तीखे सवाल
पवन खेड़ा ने न केवल गिरफ्तारी की कोशिशों पर सवाल उठाए, बल्कि सीएम हिमंता और उनके परिवार पर आरोपों की नई फेहरिस्त भी जारी की। उन्होंने कुछ कागजात दिखाते हुए मांग की कि निम्नलिखित बिंदुओं की जांच होनी चाहिए:
विदेशी पासपोर्ट और वीजा: क्या मिस्र, एंटीगुआ-बारबाडोस के पासपोर्ट और यूएई के ‘गोल्डन वीजा’ की खबरें सही हैं?
शेल कंपनियां: क्या फर्जी केवाईसी (KYC) के जरिए शेल कंपनियां खोली गईं?
दुबई कनेक्शन: क्या उनके परिवार के सदस्य दुबई में रहते हैं और वहां से वित्तीय लेनदेन होता है?
“आप डराने की कोशिश कर रहे हैं। आपकी आदत डराने की हो सकती है, लेकिन हमारी आदत डरने की नहीं है। मैं मेवाड़ का हूं, कांग्रेसी हूं और राहुल गांधी का सिपाही हूं।” — पवन खेड़ा
सीधे हमले: “जांच कीजिए, गाली मत दीजिए”
खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस ने केवल जानकारी साझा की है और तथ्यों के आधार पर जांच की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जवाब देने के बजाय पुलिस को आगे करना और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करना असम की जनता स्वीकार नहीं करेगी।
क्यों बढ़ा विवाद?
दरअसल, पवन खेड़ा ने हाल ही में सीएम की पत्नी से जुड़ी कंपनियों और उनके व्यापारिक लेन-देन पर सवाल उठाए थे। इसके बाद असम पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए खेड़ा के खिलाफ केस दर्ज किया। बुधवार को पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची थी, लेकिन खेड़ा वहां मौजूद नहीं थे।
असम पुलिस का रुख
असम पुलिस की टीमें दिल्ली और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर की जा रही है, जबकि कांग्रेस इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ और ‘प्रतिशोध की राजनीति’ बता रही है।
