हमारी कोशिश सीलमपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी नागरिकों की सौ फिसद मैपिंग पूरी करने की है: शगुफ्ता चौधरी जुबैर
निगम पार्षद शगुफ्ता चौधरी जुबैर के कार्यालय में एसआईआर को लेकर बैठक।
नई दिल्ली. चौहान बांगर वार्ड की निगम पार्षद शगुफ्ता चौधरी जुबैर के कार्यालय में एसआईआर (SIR) के कार्यान्वयन और जनता की चिंताओं को दूर करने के लिए एक बैठक आयोजित की गई।इस बैठक में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और बीएलए-1 अनिल जैन, सीलमपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रसिद्ध राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता सैयद नासिर जावेद, राव नावेद और अकील अहमद ने विशेष रूप से भाग लिया।लगभग दो घंटे तक चली इस चर्चा में विभिन्न मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया.मैपिंग और चुनौतियां तथा एसआईआर लागू होने के बाद पैदा होने वाली संभावित समस्याओं और उनसे निपटने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई।लोगों के मन में मैपिंग को लेकर उठ रहे सवालों, जैसे “यदि मैपिंग नहीं हो पाई तो क्या होगा? इस पर गंभीरता से बात चीत की गई।जिन लोगों की मैपिंग अभी तक पूरी नहीं हो सकी है, उन्हें भविष्य में किन चरणों से गुजरना होगा, इसके लिए एक कार्ययोजना तैयार की गई।एसआईआर और बीएलए-2 के संबंध में और स्पष्टता व रणनीति तय करने के लिए 14 अप्रैल को सीलमपुर विधायक के कार्यालय पर एक बड़ी बैठक बुलाई गई है।इसमें सभी बीएलओ-2 और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया जाएगा।निगम पार्षद शगुफ्ता चौधरी जुबैर ने कहा कि हमारी कोशिश सीलमपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी नागरिकों की सौ फिसद मैपिंग पूरी करने की है।जो लोग कैंपों के दौरान मैपिंग नहीं करा पाए, उनके लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे ताकि कोई भी इस सुविधा से वंचित न रहे।सीलमपुर विधानसभा में अब तक मैपिंग का काम जारी है, लेकिन कुछ बूथों पर प्रगति संतोषजनक नहीं है। बीएलए-1 अनिल जैन ने सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से शिकायत करते हुए बताया कि सीलमपुर विधानसभा में कुल 161 पोलिंग बूथ हैं। बूथ नंबर 54, 60, 80, 84, 86, 87, 88, 112, 113 और 147 पर 9 अप्रैल 2026 तक 60 फिसद से अधिक काम हो चुका है। बूथ नंबर 82 पर 76.14 फिसद काम पूरा हो चुका है, जो सराहनीय है।इसके विपरीत, बूथ नंबर 8 और 13 पर केवल 25 फिसद और लगभग 26 बूथों पर मैपिंग केवल 30 फिसद के करीब है।अनिल जैन ने कुछ बीएलओ की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए मांग की है कि संबंधित बीएलओ और सुपरवाइजरों को तुरंत काम पूरा करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही, कम मैपिंग वाले बूथों पर विशेष कैंप लगाकर दर को तत्काल कम से कम 50 फिसद तक पहुँचाने का आदेश दिया जाए।
