कमजोर वर्गों और छोटे व्यापारियों का आर्थिक उत्थान हमारी सामूहिक जिम्मेदारी: एम. शम्सुज्जुहा
सहयोग अर्बन थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड की महत्वपूर्ण बैठक; ब्याज मुक्त प्रणाली पर ज़ोर
नई दिल्ली: समाज के कमजोर वर्गों, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय और छोटे व्यापारियों को सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की साझा जिम्मेदारी पर जोर देते हुए सहयोग अर्बन थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के चेयरमैन एम. शम्सुज्जुहा ने कहा कि वंचित तबकों को समाज में उचित स्थान दिलाना ही उनके संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मीडियाकर्मियों के साथ एक विशेष बैठक में मुख्य संबोधन देते हुए उन्होंने इस बात पर बल दिया कि गरीबों को आर्थिक शोषण से बचाना किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए घरों में पड़ी छोटी-छोटी बचत को अगर सही तरीके से उपयोग में लाया जाए तो इससे रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे दुकानदारों की तकदीर बदली जा सकती है। उन्होंने बताया कि सौ रुपये जैसी मामूली बचत जब जमा होकर एक लाख की बड़ी राशि बन जाती है, तो वह किसी जरूरतमंद के लिए बड़ी सफलता का आधार साबित होती है।
इसी उद्देश्य के तहत सोसाइटी अब तक छोटे कारोबारियों को एक करोड़ रुपये से अधिक के ऋण पूरी तरह ब्याज मुक्त (Interest-free) आधार पर प्रदान कर चुकी है ताकि पिछड़े वर्गों का जीवन स्तर ऊपर उठ सके। इस अवसर पर सोसाइटी के सीईओ ओसामा खान ने बैंकिंग प्रणाली का विवरण देते हुए स्पष्ट किया कि भारत की बड़ी आबादी जो असंगठित क्षेत्र से जुड़ी है और जिन्हें बैंकों से कर्ज मिलने में कठिनाई होती है, उनके लिए सहयोग सोसाइटी एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है जहां शोषण मुक्त और शरिया काउंसिल की देखरेख में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
सहयोग फाउंडेशन की चेयरपर्सन मोहतरमा नुसरत ने इस मिशन में सामाजिक जागरूकता के महत्व पर जोर दिया, जबकि निदेशक सैयद तहसीन अहमद ने कहा कि सोसाइटी का असली उद्देश्य वित्तीय लाभ-हानि से ऊपर उठकर विशुद्ध रूप से मानवीय सेवा और सामाजिक कल्याण है; ज्ञात हो कि वर्तमान में संस्थान की तीन शाखाएं सफलतापूर्वक कार्यरत हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रमुख पत्रकारों सहित कांग्रेस नेता हिदायत उल्लाह और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए, जबकि कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध पत्रकार शुएब रजा फातिमी ने किया।
