भारत-UAE रिश्तों को नई उड़ान: पीएम मोदी के दौरे पर $5 अरब के निवेश का एलान
PM Modi UAE Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई (UAE) यात्रा के दौरान एक बड़ा फैसला हुआ है। संयुक्त अरब अमीरात ने भारत में 5 अरब डॉलर का भारी-भरकम निवेश करने का एलान किया है। इस रणनीतिक कदम से दोनों देशों के आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।
अबू धाबी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएई (UAE) दौरे से भारत के लिए बेहद सकारात्मक और बड़ी खबरें सामने आई हैं। अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और पीएम मोदी के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद आर्थिक और रणनीतिक मोर्चे पर कई बड़े ऐलान किए गए हैं। इस दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धि यूएई द्वारा भारत में 5 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 41,000 करोड़ रुपये से अधिक) के भारी-भरकम निवेश की घोषणा रही।
1. इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर बैंकिंग सेक्टर तक में निवेश
यूएई का यह $5 अरब का निवेश भारत के विकास को नई रफ्तार देगा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह निवेश मुख्य रूप से निम्नलिखित सेक्टर्स में किया जाएगा:
भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचा): देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ा फंड आवंटित होगा।
बैंकिंग और कॉर्पोरेट सेक्टर: इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा RBL बैंक और सम्मान कैपिटल में लगाया जाएगा, जिससे वित्तीय बाजार को मजबूती मिलेगी।
2. रक्षा और ऊर्जा समेत कई अहम समझौतों (MoUs) पर मुहर
दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देते हुए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए:
डिफेंस फ्रेमवर्क: भारत और यूएई के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक रूपरेखा पर सहमति बनी।
पेट्रोलियम भंडार: रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves) को लेकर दोनों देशों ने एक MoU साइन किया।
LPG और शिप रिपेयरिंग: लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की निरंतर आपूर्ति और गुजरात के वडिनार में जहाज मरम्मत क्लस्टर (Ship Repair Cluster) स्थापित करने को लेकर भी समझौतों पर मुहर लगी।
3. यूएई पर हुए हमलों की निंदा, भारतीय समुदाय के लिए जताया आभार
प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने यूएई की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। हाल ही में यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए पीएम मोदी ने कहा:
“जिस तरह से यूएई को निशाना बनाया गया, वह किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता बनाए रखने के लिए यूएई के कदमों का भारत स्वागत करता है।”
इसके साथ ही, पीएम मोदी ने संकट के समय में यूएई में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को अपने परिवार के सदस्य की तरह संभालने के लिए यूएई सरकार और शाही परिवार का दिल से आभार व्यक्त किया।
4. मिडिल ईस्ट संकट पर बड़ा बयान: ‘बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता’
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे युद्ध और तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक स्थिरता पर इसके असर की बात कही। पीएम मोदी ने कहा:
वैश्विक प्रभाव: पश्चिम एशिया के युद्ध का असर आज पूरी दुनिया झेल रही है।
भारत का रुख: भारत हमेशा से मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत (Dialogue) और कूटनीति (Diplomacy) का पक्षधर रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा: वैश्विक व्यापार के लिए ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) का मुक्त और खुला रहना बेहद जरूरी है और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन किया जाना चाहिए।
