नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र ने “कल्याण सिंह छात्रवृत्ति” कार्यक्रम शुरू किया।

उत्तर प्रदेश सरकार भी बेसिक शिक्षा पाठ्यक्रम में "बाबू जी" नामक अध्याय में शामिल करे। नमो केन्द्र श्री कल्याण सिंह जी के जन्मदिन 5 जनवरी 2022 को मनाएगी "बाबू जी दिवस"।

नमो फाउंडेशन और नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र की अलीगढ़ स्तिथि एएमयू विधिविभाग के निकट नमो अध्ययन केंद्र में श्री कल्याण सिंह जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

संस्था ने श्री कल्याण सिंह छात्रवृत्ति योजना शुरू करने का ऐलान किया है। ये छात्रवृत्ति सभी धर्म, समुदाय तथा आर्थिक पिछड़ेपन के छात्र छात्राओं को मिलेगा।

नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र (नमो केन्द्र) उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करती है (पत्र लिखकर) की उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा के कक्षा 6 से 8 तक पाठ्यक्रम में “बाबू जी” नामक एक अध्याय जोड़ा जाए ताकि श्री कल्याण सिंह जी की नाम, कार्य और जीवनी युग युग तक जीवित रहे, अमर रहे।

नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र के संस्थापक सभापति प्रोफेसर जसीम मोहम्मद ने कहा की, श्री कल्याण सिंह जी “बाबू जी” ज़मीन से जुड़े बड़े राजनेता थे और कुशल प्रशासक होने के साथ साथ एक महान व्यक्तित्व के मालिक थे। उत्तर प्रदेश के विकास में उनका योगदान अमिट है।

प्रो जसीम मोहम्मद ने कहा की भारत की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने में कल्याण सिंह जी ने अहम भूमिका निभाई। प्रदेश और देश की हर पीढ़ी इसके लिए उनकी आभारी रहेगी। भारतीय मूल्यों में वे रचे बसे थे और अपनी सदियों पुरानी परंपरा को लेकर उन्हें गर्व था।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष डॉक्टर डी आर शर्मा ने कहा की, बाबू जी समाज के कमज़ोर और वंचित वर्ग के करोड़ों लोगों की आवाज थे। उनका समर्पण और सेवाभाव लोगो को हमेशा प्रेरित करता रहेगा। डाक्टर शर्मा ने कहा की श्री कल्याण सिंह जी के जन्मदिन
5 जनवरी को मनाएगी “बाबू जी दिवस”।

ट्रस्ट के ट्रस्टी शाहिद परवेज ने कहा, श्री कल्याण सिंह जी किसानों, युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनगिनत प्रयास किए।

संस्था कार्यों को बताते हुए जसीम मोहम्मद ने बताया की नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र (नमो केंद्र) भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सोच, विचार, उनकी कार्यपद्धति, दृष्टि, पर आधारित साहित्यिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक विषयों से संबंधित सामग्री आदि को केंद्र में रखकर गहन शोध और अनुसंधान के साथ अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए एक स्वतंत्र, पारदर्शी निष्पक्ष एवं उद्देश्यपूर्ण अकादमिक, सामाजिक संस्थान के रूप में विकसित किया गया है! यह संस्थान संवाद और विमर्श के माध्यम से सकारात्मक समाधान के लिए एक मंच के रूप में स्थापित किया जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार विमर्श और परिसंवाद करने के लिए देश में उपलब्ध सर्वोत्तम और संभावित संसाधनों से परिपूर्ण चिंतको, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों को एक साथ लाने की पहल करना है। इसके अतिरिक्त शांति और वैश्विक सौहार्द का कारण बननेवाली कोशिशों को बढ़ावा देना; भारत की एकता और अखंडता पर असर डालनेवाले सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कारकों पर प्रभावी पर्यवेक्षण एवं हस्तक्षेप करना, चरमपंथ के साथ-साथ नीतिगत विकल्पों की पेशकश करनेवाले सामाजिक और जातीय संघर्षों के कारणों का विश्लेषण करना, समाज के साथ बातचीत और विचारों के आदान-प्रदान के लिए संस्थागत समर्थन और परस्पर विरोधी समूहों के बीच संवाद कायम करना, समालोचनात्मक, सार्वजनिक नीति, लोकतांत्रिक संस्थाओं, संवैधानिक निकायों के कार्यों और सार्वजनिक संस्थानों में सुशासन एवं दक्षता के लिए मानक विकसित करना, संस्था के व्यापक उद्देश्य होंगे। ये समस्त उद्देश्य `राष्ट्र-निर्माण’ संबंधी व्यापक और प्रमुख कार्यों के साथ-साथ उच्च शिक्षा से संबद्ध संस्थानों, विश्वविद्यालयों और अकादमिक संस्थानों की परिधि में आते हैं।

जसीम मोहम्मद ने कहा की हमे यह कहने में कोई संकोच नहीं कि अनेक अकादमिक निकाय और संस्थाएँ इन उद्देश्यों की पूर्ति की दिशा में व्यापक और गंभीरता से कार्य करने में विफल रही हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि इस तरह की अगंभीरता और अक्षमता के लिए उन निकायों की कार्यप्रणाली जिम्मेदार है।

नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र (नमो केंद्र) का विश्वास और मानना है कि ऐसी कोई संस्था, जो हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उपयोगी और महत्वपूर्ण हैं, तब तक कोई उत्कृष्ट परिणाम नहीं दे सकती, जब तक उसे अकादमिकजगत से संबद्ध बुद्धिजीवी और सिविल सोसाइटी एक-दूसरे के साथ नियमित रूप से जुड़ नहीं जाते हैं। भारतीय लोकतंत्र को मजबूत आधार देने और एक सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में अपनी गहरी आस्था और दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ, यह नमो केंद्र इस दिशा में गहन अभिरुचि रखनेवाले देश-विदेश के प्रतिबद्ध लोगों के साथ मिलकर गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर सर्वोत्तम करने का प्रयास करेगा! विश्वास और भरोसा है कि इस तरह के अध्ययन और केंद्र के सकारात्मक प्रयत्नों से शासनव्यवस्था में सुधार होगा और राष्ट्रीय सुरक्षा को व्यवस्थित और पुख़्ता आधार मिल सकेगा। केंद्र के व्यापक कार्यों में भारत की विदेश नीति को देश के दीर्घकालिक उद्देश्यों के लिए एकीकृत करना और संसद और अन्य प्रतिनिधि निकायों के साथ-साथ सार्वजनिक संस्थानों में अपेक्षित कार्यात्मक दक्षता लाना आदि सम्मिलित हैं।

जसीम मोहम्मद
सभापति
नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र