क्या राजधानी दिल्ली महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित नहीं रही?

न्यू दिल्ली:सम्पादकीय (Mohd Meraj): देश भर में अलग -अलग विशेष कर भाजपा शाशित राज्यो में जिस प्रकार अल्पसंख्यक समुदाय पर आए दिन मार पीट एवं जबरन श्री राम के नारे लगाने से लेकर लिंचिंग तक की वारदाते सामने आ रही है, बावजूद इसके दिल्ली का अल्पसंख्यक समाज खुद को थोड़ा सुरक्षित समझता था,परंतु पिछले वर्ष के दिल्ली सांप्रदायिक दंगो के बाद और आए दिन महिलाओ एवं युवतियों के साथ हो रहे दुष्कर्म की घटनाओं से राजधानी दिल्ली दहल उठी है, एवं यहां रह रहे अल्पसंख्यक समाज का पूरी तरह से विश्वास उठता हुआ दिखाई दे रहा है ।

ताज़ा मामला दिल्ली के संगम विहार का है जहां एक 21 वर्षीय युवती साबिया सैफी, जिसको दिल्ली पुलिस डिफेंस की नौकरी करते हुए सिर्फ 4 महीने ही हुए थे,लेकिन जब 27 अगस्त की शाम को साबिया सैफी दिल्ली के संगम विहार स्थित अपने घर नहीं लौटी तो परेशान हाल घरवालों ने हर जगह ढूंढा। थाने गए, कलेक्टर के यहाँ तक गए लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिली। फिर पता चला साबिया की हत्या हो चुकी है, वो भी बहुत ही बर्बरता के साथ। इतनी बर्बरता की लिखते हुए हाथ कांप जाए। साबिया के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ,4-4 लोगो ने उसके साथ सामुहिक दुष्कर्म किया, तकरीबन 50 जगह चाकू घोंपे गए, स्तन काट दिए गए, हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गई लिखते हुए भी शर्म आ रही है और इस हैवानियत में उसके साथ काम करने वाली एक लड़की भी शामिल थी।
पीड़िता के भाई का आरोप है कि उसकी बहन जिस डीएम ऑफिस में जॉब करती जी उस ऑफिस के कर्मचारियों ने है युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म एवं निर्मम हत्या कि।
सवाल ये है?
कि इतनी बड़ी आत्मा को झंझोड़ने वाली घटना के बाद भी खबर को पूरी तरह दबाया गया,यहां तक कि देश के बड़े मीडिया कहे जाने वाले चैनल और अखबारों ने भी कोई कवरेज नहीं दी क्युकी
ये सबिया है दामिनी नही जिसके लिए पूरा मुल्क सड़को पर आ जाये,जिसकी वजह से शीला दीक्षित को अपनी सरकार से हाथ धोना पड़ा था क्युकी ऑपोसिशन और जनता सड़कों पर थी,और बहुत संघर्ष के बाद दोषियों को फांसी भी हुई।
क्या केजरीवाल सरकार की कोई जवाबदेही नहीं बनती?
इतने हज़ार सीसीटीवी कैमरा लगा देना ही महिलाओं की सुरक्षा केलिए काफी है?
फिर कहां गई को सीसीटीवी फोटेज जब एक डीएम ऑफिस में काम करने वाली लड़की का दुष्कर्म हुआ??
है कोई ऑडियो या वीडियो?
जब एक सरकारी डिफेंस ऑफिस में काम करने वाली महिला सुरक्षित नहीं है तब आम महिलोओं का क्या??
सबिया के लिए आवाज़ उठाईये, आपकी भी बहन-बेटी होगी घर मे, आज सबिया के लिए आप चुप रहे तो कल को मालिक ना करें आप मे से किसी की बारी हो…
#justiceforsabiya 😥😥😥😥😥😥
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