64 वर्षीय मौलाना कलीम सिद्दीक़ी को यूपी ATS ने संदिग्ध गतिविधियों में किया गिरफ्तार

मौलाना कलीम सिद्दीक़ी की गिरफ्तारी के बाद जमीयत उलमा ए हिंद ने मामले में किया हस्तक्षेप

उत्तर प्रदेश:इस्लामिक विद्वान मौलाना कलीम सिद्दीक़ी और उनके तीन साथियों को अचानक यूपी एटीएस की टीम ने गतिविधियां संदिग्ध होने के शक़ में मेरठ से गिरफ़्तार कर लिया। कई घंटों की मशक्कत के बाद यह सब कुछ पता चला। गिरफ़्तार करने के बाद उन को लखनऊ ले जाया गया है।

64 वर्षीय मौलाना कलीम सिद्दीकी मंगलवार शाम क़रीब सात बजे कुछ अन्य धर्मगुरुओं के साथ मेरठ के लिसाड़ीगेट में हुमायूंनगर की मस्जिद के इमाम के आवास पर एक कार्यक्रम में आए थे। रात नौ बजे जब वे अपने साथियों के साथ गाड़ी से वापस मुज़फ़्फ़रनगर अपने घर के लिए रवाना हुए तो इस दौरान उनका मोबाइल फ़ोन बंद आने पर उनकी तलाश की गई और बड़ी संख्या में लोग लिसाड़ी गेट पर जुटे। देर रात तक गहमा गहमी – हड़बड़ी और हंगामा रहने के बाद पता चला कि एटीएस उन्हें हिरासत में लेकर लखनऊ चली गई है।


बताया जा रहा है कि मौलाना कलीम की गतिविधियां संदिग्ध होने के शक़ में उन्हें गिरफ़्तार किया गया है। हालांकि अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मुज़फ़्फ़रनगर के खतौली क्षेत्र के फूलत निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी की पहचान बड़े इस्लामिक विद्वानों में की जाती है। गिरफ्तारी की ख़बर के तुरंत बाद उनकी रिहाई के प्रयास तेज़ हुए। और जमीयत उलमा ए हिंद की महाराष्ट्र शाखा के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों की कोशिशों से बचाव किया गया है। कई वकीलों ने तुरंत इस पर अपने अथक प्रयास किए हैं। जिनका आशातीत परिणाम अपेक्षित है।