अफगानिस्तान में जबरदस्त धमाका, नौ बच्चों की दर्दनाक मौत

अफगानिस्तान के नगरहार प्रांत में सोमवार को एक जबरदस्त धमाका हुआ, जिसमें नौ बच्चों की मौत हो गई.

अफगानिस्तान (Afghanistan) में सोमवार को तालिबान (Taliban) के साथ लगने वाली सीमा के पास एक जबरदस्त धमाका (Blast in Afghanistan) हुआ. इस धमाके में नौ बच्चों की मौत हो गई और चार घायल हो गए. तालिबान द्वारा नियुक्त गवर्नर के कार्यालय ने इसकी जानकारी दी. गवर्नर कार्यालय ने एक बयान में कहा गया कि धमाका उस वक्त हुआ, जब नगरहार प्रांत (Nagarhar province) में खाना बेचने वाली गाड़ी ने एक पुराने, बिना फटे मोर्टार के गोले को टक्कर मार दी. अभी तक इस घटना को लेकर ज्यादा जानकारी मुहैया नहीं कराई गई है.

ये प्रांत तालिबान के प्रतिद्वंदी इस्लामिक स्टेट (Islamic State) ग्रुप का मुख्यालय है. इस्लामिक स्टेट ने अगस्त के मध्य में तालिबान के देश पर कब्जा करने के बाद से अफगानिस्तान में इसके लड़ाकों को निशाना बनाते हुए कई हमलों को अंजाम दिया है. हालांकि, इस्लामिक स्टेट ने 2014 से अफगानिस्तान में दर्जनों भयानक हमले किए हैं और अक्सर देश के अल्पसंख्यक शिया मुसलमानों को निशाना बनाया है. अफगानिस्तान में कई दशकों तक चले युद्ध की वजह से यहां पर लैंडमाइन्स बिछी हुई हैं. इस वजह से जब भी लैंडमाइन्स में विस्फोट होता है तो इसका शिकार अक्सर बच्चे हो जाते हैं.

दिसंबर में काबुल में हुआ धमाका

इससे पहले, राजधानी काबुल (Kabul) में दिसंबर में एक जबरदस्त धमाका हुआ था. इस हमले से कुछ दिन पहले भी राजधानी को आतंकियों ने निशाना बनाया था. काबुल पुलिस (Kabul Police) के प्रवक्ता मुबीन खान ने विस्फोट की पुष्टि करते हुए कहा था आज सुबह चरही सलीम कारवां इलाके में एक विस्फोट हुआ, लेकिन किसी की जान नहीं गई. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने कहा कि विस्फोट सड़क किनारे एक बम के कारण हुआ. इस धमाके को लेकर अधिक जानकारी नहीं दी गई.वहीं, पश्चिमी काबुल में 17 नवंबर को एक वाहन को निशाना बना कर किये गये विस्फोट में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए थे.

अफगानिस्तान में मजबूत होता इस्लामिक स्टेट

दरअसल, काबुल समेत अफगानिस्तान में होने वाले धमाकों की जिम्मेदारी खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (Islamic State) लेता आया है. इस वजह से अब कहीं भी धमाका होता है तो शक की सुईयां इस्लामिक स्टेट की ओर ही जाती हैं. इस्लामिक स्टेट ने युद्धग्रस्त मुल्क में अपने पांव पसारने के साथ ही खुद को मजबूत भी किया है. उसके निशाने पर अधिकतक शिया मुस्लिम होते हैं. इसके अलावा, तालिबान लड़ाकों को निशाना बनाकर भी हमलों को अंजाम दिया जाता है. अमेरिका ने तालिबान को इस्लामिक स्टेट से लड़ने के लिए मदद देने की बात कही थी. लेकिन तालिबान ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था.