‘मुसलमान अपनी समस्याओं के साथ-साथ सामान्य मानवीय मुद्दों पर भी बात करे’

संपादकीय:हालात हमेशा एक जैसे नहीं रहते और हमारा देश तो कई सौ साल में कई रंग देख चुका है। मुग़ल सल्तनत के पतन के बाद ब्रिटिश राज और उसके बाद तहरीके-आज़ादी और फिर जश्ने-आज़ादी। आज़ाद भारत में हर दस साल बाद देश के हालात बदलते रहे और अब तो हर दिन…
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क्या राजधानी दिल्ली महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित नहीं रही?

न्यू दिल्ली:सम्पादकीय (Mohd Meraj): देश भर में अलग -अलग विशेष कर भाजपा शाशित राज्यो में जिस प्रकार अल्पसंख्यक समुदाय पर आए दिन मार पीट एवं जबरन श्री राम के नारे लगाने से लेकर लिंचिंग तक की वारदाते सामने आ रही है, बावजूद इसके दिल्ली का…
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मुहर्रम में मातम क्यों मनाते हैं ? जानें कर्बला की पूरी कहानी

इस्लाम की जहां से शुरुआत हुई, मदीना से कुछ दूरी पर मुआविया नामक शासक का दौर था. मुआविया के इंतकाल के बाद शाही वारिस के रूप में उनके बेटे यजीद को शाही गद्दी पर बैठने का मौका मिला. लोगों के दिलों में बादशाह यजीद का इतना खौफ था कि लोग यजीद…
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Atique Muzaffarpuri-उर्दू-फ़ारसी जगत के कोहिनूर,आज उनकी पुणयतिथि पर किया जा रहा है देश भर में नमन 🙏

नई दिल्ली:(संपादकीय) यूं तो हर जीवन अनमोल होता है,परंतु कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने इस अनमोल से जीवन को अपनी मेहनत,हुनर एवं काबलियत कि बदौलत कोहिनूर की तरह बना लेते हैं ताकि जब वो इस दुनिया से चले जाएं तब उनका उनके छेत्र में दिया…
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राहुल की तर्ज़ पर अखिलेश स्पष्ट करें अपनी भूमिका

माजिद अली खान सबसे बड़ा सवाल समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से लोग कर रहे हैं कि वह राज्य की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के मुखिया हैं लेकिन इन विधानसभा चुनाव में वह अपना एजेंडा और अपनी भूमिका स्पष्ट नहीं कर पा रहे. हालांकि कांग्रेस…
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