केरल के राज्यपाल बोले- हिजाब इस्लाम का हिस्सा नहीं, कृपया इसे विवाद न बनाए ,यह एक साजिश है

पिछले दिनों कर्नाटक के उडुपी में सरकारी महाविद्यालय में हिजाब पहनकर आईं छात्राओं को कक्षाओं में प्रवेश नहीं देने से विवाद शुरू हुआ था. बाद में यह विवाद और गंभीर हो गया और कुछ हिंदू छात्र भगवा गमछा लेकर पहुंच गए.

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केरल (Kerala) के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने शनिवार को हिजाब विवाद को एक ‘‘साजिश’’ करार दिया और कहा कि यह पसंद का मामला नहीं है, बल्कि सवाल है कि क्या कोई व्यक्ति किसी संस्थान के नियमों, ड्रेस कोड का पालन करेगा या नहीं. कर्नाटक में मुद्दे पर छिड़े विवाद के संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि ‘कृपया इसे विवाद के रूप में न लें…यह एक साजिश है.’ खान ने कहा, ‘मुस्लिम लड़कियां हर जगह ‘‘बहुत अच्छा’’ कर रही हैं और इसलिए उन्हें प्रोत्साहन की जरूरत है. उन्हें नीचे धकेलने की जरूरत नहीं है.’

आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, ‘हिजाब इस्लाम का हिस्सा नहीं है. कुरान में इस शब्द का 7 बार जिक्र किया गया है, लेकिन ड्रेस कोड के संदर्भ में नहीं. हिजाब को लेकर विवाद मुस्लिम महिलाओं की शिक्षा में बाधा डालने की साजिश का हिस्सा है. आप कहीं भी कुछ भी पहनने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन जब आप किसी संगठन से जुड़ते हैं तो आपको उसके नियमों और उसके ड्रेस कोड का पालन करना चाहिए. यदि आप नियमों से सहमत नहीं हैं, तो आप किसी अन्य संस्थान में जाने के लिए स्वतंत्र हैं. मेरा सुझाव है कि छात्र कक्षाओं में वापस जाएं.’

उन्होंने कहा, ‘यह (हिजाब पहनना) पसंद का सवाल नहीं है, बल्कि यह सवाल है कि अगर आप किसी संस्थान में शामिल हो रहे हैं तो क्या आप नियमों, अनुशासन और ड्रेस कोड का पालन करेंगे या नहीं.’ केरल के राज्यपाल ने एक दिन पहले कहा था कि अगर इस्लाम के इतिहास पर गौर किया जाए तो महिलाओं के पर्दा करने से इनकार करने के उदाहरण रहे हैं.

आरिफ मोहम्मद खान ने सुनाई युवा महिला की कहानी सुनाई

हालांकि, उन्होंने खुलकर अपनी राय जाहिर नहीं की लेकिन अपनी बात रखने के लिए एक युवा महिला की कहानी सुनाई, जो पैंगबर की रिश्तेदार बतायी जाती है. खान ने पत्रकारों से कहा, ‘मैं आपको एक बात बताऊंगा…एक युवा लड़की, जो पैगंबर के घर में पली-बढ़ी थी… वह पैगंबर की पत्नी की रिश्तेदार थीं. वह काफी सुंदर थी…इतिहास यही कहता है…इसे पढ़िए.’ कहानी के हवाले से उन्होंने कहा कि मध्यकाल में जब उस महिला का पति कूफा का गवर्नर था तो उसे हिजाब न पहनने के लिए फटकार लगाई गई थी. उसने तब कहा था कि अल्लाह ने उसे खूबसूरत बनाया और अल्लाह ने उस पर खूबसूरती की मुहर लगा दी थी.

खान ने कहा, ‘उसने कहा कि मैं चाहती हूं कि लोग मेरी सुंदरता देखे और मेरी सुदंरता में अल्लाह का रहम देखे…और अल्लाह का शुक्रगुजार रहे…इस्लाम की पहली पीढ़ी की महिलाओं की यह सोच थी. मैं यही कहना चाहता हूं.’ पिछले दिनों कर्नाटक के उडुपी में सरकारी महाविद्यालय में हिजाब पहनकर आई छात्रों को कक्षाओं में प्रवेश नहीं देने से विवाद शुरू हुआ था. बाद में यह विवाद और गंभीर हो गया और कुछ हिंदू छात्र भगवा गमछा लेकर आने लगे.

input: tv9hindi

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