जामिया मिल्लिया का प्रोफेसर रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार, एक लाख की घूस में हुई गिरफ्तारी
मोईन ने कथित तौर पर गुरुग्राम में चिंटेल पैराडाइजो अपार्टमेंट को संरचनात्मक सुरक्षा प्रमाणपत्र दिया था जिसका एक हिस्सा पिछले महीने गिर गया था जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई थी। हालांकि उसकी गिरफ्तारी का घर ढहने के मामले से कोई संबंध नहीं है।

दिल्ली: सीबीआइ ने एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर खालिद मोइन को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। प्रोफेसर पर रिश्वत लेकर विभिन्न परियोजनाओं के लिए संरचनात्मक स्थिरता प्रमाण पत्र जारी करने का आरोप है।
मोईन ने कथित तौर पर गुरुग्राम में चिंटेल पैराडाइजो अपार्टमेंट को संरचनात्मक सुरक्षा प्रमाणपत्र दिया था, जिसका एक हिस्सा पिछले महीने गिर गया था जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई थी। हालांकि, उसकी गिरफ्तारी का घर ढहने के मामले से कोई संबंध नहीं है।
प्रोफेसर को दिल्ली की एक आर्किटेक्चर फर्म से रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। सीबीआइ ने मेसर्स व्योम आर्किटेक्ट के प्रखर पवार और कंपनी के एक कर्मचारी आबिद खान को भी गिरफ्तार किया है।
सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी ने कहा कि आरोपित के परिसरों की तलाशी ली जा रही है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एक सूत्र के अनुसार विश्वविद्यालय का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। यह उनका कंसंल्टेंसी से संबंधित मामला था। सीबीआइ की टीम ने विश्वविद्यालय के साथ कोई विवरण नहीं मांगा या साझा नहीं किया। उन्होंने उनसे उनके कार्यालय में पूछताछ की। विश्वविद्यालय में और कुछ दस्तावेज लेने के लिए उनके घर भी गए।
सूत्र ने कहा कि प्रोफेसर, विशेष रूप से सिविल इंजीनियरिंग विभाग से, परामर्श कार्य में शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपी को दिल्ली की अदालत में पेश किया जाएगा। एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि तलाशी में सीबीआइ ने 30 लाख रुपये नकद और 1.19 करोड़ रुपये के बैंक खाते के विवरण बरामद किए हैं।
जोशी ने आरोप लगाया कि उक्त प्रोफेसर निजी बिल्डरों, वास्तुकारों, बिचौलियों आदि के प्रतिनिधियों के साथ साजिश रचकर परियोजनाओं के लिए संरचनात्मक स्थिरता प्रमाण पत्र जारी करने का काम करता था। सीबीआइ को जब इसकी भनक लगी तो उसने जाल बिछाकर प्रोफेसर व दो अन्य को दबोच लिया।
input:dainikjagran
