350 रुपये लेकर मुंबई पहुंचे थे नालंदा के अरविंद सिन्हा, आज 500 से अधिक लोगों को दे रहे रोजगार।

50 रुपये की दिहाड़ी से शुरू हुआ सफर, संघर्ष, मेहनत और संकल्प के दम पर खड़ी की 'परविंदर इंटरप्राइजेज'; समाजसेवा में भी निभा रहे अग्रणी भूमिका।

संवाददाता,एम फिरदौसी

बिहारशरीफ। नालंदा जिले के नूरसराय प्रखंड स्थित चौर बिगहा गांव के समाजसेवी एवं उद्यमी अरविंद कुमार सिन्हा की सफलता की कहानी आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। मजदूर परिवार में जन्मे अरविंद सिन्हा ने गरीबी, अभाव और कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए ऐसा मुकाम हासिल किया, जहां आज उनकी कंपनी ‘परविंदर इंटरप्राइजेज’ में 500 से अधिक अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यरत हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, ईमानदारी और अथक परिश्रम से कोई भी व्यक्ति फर्श से अर्श तक का सफर तय कर सकता है।

वर्ष 1971 में जन्मे अरविंद कुमार सिन्हा के पिता स्वर्गीय प्रयाग प्रसाद मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। आर्थिक तंगी के कारण वे उच्च शिक्षा पूरी नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने कठिन हालात के आगे हार नहीं मानी। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से वे वर्ष 1993 में मात्र 350 रुपये लेकर मुंबई पहुंचे। शुरुआती दिनों में उन्होंने 50 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी पर मजदूरी की और कठिन संघर्ष के बीच 17 दिसंबर 1993 को अपनी पहली नौकरी प्राप्त की।

महज एक वर्ष बाद 17 दिसंबर 1994 को उन्होंने अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। लगातार मेहनत और ईमानदारी के बल पर उन्होंने वर्ष 1998 में अपनी कंपनी परविंदर इंटरप्राइजेज का आधिकारिक पंजीकरण कराया। आज यह कंपनी सैकड़ों लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही है और सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रही है।

*नई पीढ़ी संभाल रही कारोबार की कमान*

अरविंद कुमार सिन्हा अब अपने व्यवसाय की जिम्मेदारी नई पीढ़ी को सौंप रहे हैं। उनके पुत्र प्रवीण कुमार ने नागपुर से बीबीए की पढ़ाई की है, जबकि पुत्रवधू नम्रता कुमारी बीएड शिक्षित हैं। आधुनिक सोच और नई तकनीकों के साथ दोनों कंपनी को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

*समाजसेवा में भी निभा रहे अहम भूमिका*

व्यावसायिक सफलता के साथ-साथ अरविंद सिन्हा सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। उन्होंने जरूरतमंदों के बीच हजारों कंबलों का निःशुल्क वितरण कराया है। पिछले 41 वर्षों से श्री श्री चेतना संघ, संदलपुर (पटना) के माध्यम से छठ व्रतियों के बीच पूजन सामग्री वितरित की जा रही है।

उन्होंने चौर बिगहा स्थित मां देवी मंदिर के जीर्णोद्धार, महादेव मंदिर निर्माण, पपरनौसा के जगदंबा स्थान परिसर में सूर्य मंदिर निर्माण तथा तालाब के जीर्णोद्धार में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए नालंदा जिले से सर्वाधिक 5 लाख रुपये का योगदान भी दिया। इसके अलावा पटना जिले के करौटा स्थित मां जगदंबा मंदिर के निर्माण कार्य में भी सीमेंट उपलब्ध कराकर सहयोग किया।

हाल ही में नूरसराय के हाई स्कूल दहपर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं विशाल भंडारे के सफल आयोजन में भी उनकी प्रमुख भूमिका रही।

कांवरियों की सेवा और खेलों को बढ़ावा

पिछले चार वर्षों से श्रावणी मेले के दौरान झारखंड के सुल्तानगंज-देवघर मार्ग पर बांका जिले के कटोरिया में निःशुल्क नालंदा जिला कांवरिया सेवा शिविर संचालित कर हजारों कांवरियों की सेवा कर रहे हैं। इसके अलावा नालंदा में क्रिकेट, महिला क्रिकेट और महिला फुटबॉल प्रतियोगिता ‘नालंदा प्रीमियर लीग’ का आयोजन कर खेल प्रतिभाओं को भी मंच उपलब्ध करा रहे हैं।

कई सम्मानों से हो चुके हैं सम्मानित

समाज और उद्योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अरविंद कुमार सिन्हा को ‘आइकॉन ऑफ हिंदुस्तान’ तथा ‘नालंदा के चमकते सितारे’ जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

सफलता का मूल मंत्र

अरविंद कुमार सिन्हा का मानना है कि “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। कठिन परिश्रम, ईमानदारी और खुद पर अटूट विश्वास ही व्यक्ति को सफलता की मंजिल तक पहुंचाता है।” उनका संघर्षमय जीवन आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।