वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए सूचना प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण: प्रो. आसिम अली ख़ान
नई दिल्ली: केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद (के.यू.चि.अ.प.), आयुष मंत्रालय, भारत सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी पर चार वेबिनार का आयोजन किया। वेबिनार श्रृंखला का उद्घाटन करते हुए प्रो. आसिम अली ख़ान, महानिदेशक, के.यू.चि.अ.प. ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने आगे कहा कि इस वेबिनार श्रृंखला का लक्ष्य यूनानी शोधकर्ताओं को अनुसंधान और विकास उद्देश्यों के लिए विभिन्न सूचना प्रौद्योगिकी उपकरणों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए प्रशिक्षण देना है। उन्होंने कोविड-19 संकट से निपटने में सूचना प्रौद्योगिकी के महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि जब दुनिया भर में सरकारें कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन का सहारा लेने पर मजबूर हुई तब सूचना प्रौद्योगिकी ने विभिन्न सूचना प्रौद्योगिकी- आधारित प्लेटफार्मों के माध्यम से आवश्यक गतिविधियों को फिर से शुरू करने में बहुत
महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वेबिनार श्रृंखला के दौरान विभिन्न सूचना प्रौद्योगिकी-आधारित संचार प्लेटफार्मों जैसे कि गूगल मीट, एमएस टीम, सिस्को वीबेक्स और अनुसंधान डेटा संग्रह और विश्लेषण के लिए कुछ आवश्यक सॉफ़्टवेयर की बुनियादी जानकारी पर चर्चा की गई और उनके उपयोग की
प्रदर्शनी दी गई। वेबिनार श्रृंखला का समन्वय परिषद के सूचना प्रौद्योगिकी अनुभाग तथा सांख्यिकी अनुभाग द्वारा किया गया।
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