MEP का भविष्य उज्जवल, कार्यशैली मे बदलाव की आवश्यकता।
आलिमा डॉ॰ नौहेरा शेखः देश की उभरती महिला राजनीतिज्ञ।

हिजाब मामले को तुल देने वालो के बीच देश की महिला उद्यमी डॉ॰ नौहेरा शेख जैसी महिला भारतीय राजनीति में अपने हिजाब के साथ प्रवेश कर चुकी हैं।
देश की उभरती महिला राजनीतिज्ञ में उनका नाम शामिल होता जा रहा है। जहां हैदराबाद की एक पार्टी जिसकी बुनियाद देश को बाटने वाली रहती है, उसी सरजमीं पर एक हिजाब पहनी भारतीय महिला नौहेरा शेख जो देश को एक राष्ट्र के निर्माण में अपना राजनीतिक पार्टी ऑल इण्डिया महिला एंपावरमेंट पार्टी (एमईपी) के रूप में 2017 से भारतीय चुनाव आयोग द्वारा पंजीकृत कर चुकी हैं।
डॉ॰ नौहेरा शेख न केवल एक सफल अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की महिला उद्यमि एवं व्यापारी है बल्कि वे एक प्रभावी सामाजिक कार्यकर्ती एवं देश की उभरती हुई राजनीतिज्ञ भी है। डॉ॰ नौहेरा शेख ने अपना जीवन व्यापार से आरम्भ किया परन्तु उनका व्यापार व्यक्तिगत हित के लिए नहीं था बल्कि अपने सामाजिक कार्यों को प्रभावी रूप से संचालित करने के लिए था। उनकी व्यापार संस्था हीरा ग्रुप की सफलता को उनके जीवन से अलग करके नहीं देख जा सकता है। व्यक्तिगत रूप से डॉ0 नौहेरा शेख एक इमानदार, कर्मठ और जुझारू व्यक्तित्व की मालिक हैं और हीरा ग्रुप की सफलता मे भी इन्ही तत्वों की सर्वाधिक महत्व है। उन्होंने लोगों का विश्वास जीता है और किसी भी व्यापार में विश्वास तथा सकारात्मक साख महत्वपूर्ण है। डॉ0 नौहेरा शेख के नेत्त्व मे हीरा ग्रुप ने विभिन्न क्षेत्रों में भी निवेश किया जैस हीरा, गोल्ड, हीरा इन्वेस्टमेण्ट, हीरा टैक्सटाईस, हीरा इलैक्ट्रानिक्स, हीरा ज्वैलरस आदि है। महत्वपूर्ण यह है कि डॉ0 नौहेरा शेख ने ब्याज रहित व्यापर तथा निवेश को प्रमुखता दी। 1998 में सोने के व्यपार से डॉ0 नौहेरा शेख ने अपना जीवन आरम्भ किया और फिर पीछे मुड कर नहीं देखा।
डॉ0 नौहेरा शेख उनके सामाजिक कार्यों के लिए ऑल इण्डिया नेशनल यूजीटी कान्फ्रेन्स द्वारा दिसम्बर 2012 मे इन्डिरा गान्धी प्रियदर्शनी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा व्यापार के क्षेत्र में उन्हें इन्डियन विजनेस एण्ड प्रोफेशएनल काउन्सिल की ओर से बिजनेस लीडरशिप आईक्न एवार्ड-2017 दुबई मे सम्मानित किया गया।
डॉ0 नौहेरा शेख का प्रमुख कार्य क्षेत्र महिला कल्याण तथा सशक्तिकरण रहा है। उन्होंने महसूस किया कि यदि महिलाओं को अवसर और उचित मार्गदर्शन मिले तो वे न केवल स्वंय महिलाओं और समाज का कल्याण कर सकेगी बल्कि देश सेवा भी कर सकेगें। उन्होंने लड़कियो के लिए मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था की तथा उनक लिए व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को भी लागू किया।
डॉ॰ नौहेरा शेख ने महसूस किया कि महिलाओं के सशक्तिकरण तथा उत्थान के लिए राजनीति मे उनकी भागीदारी बहुत आवश्यक है क्योंकि प्रजातान्त्रिक प्रणाली में बिना राजनीतिक प्रभाव के वे प्रभावी रूप से महिलाअें को उत्थान नहीं कर पायेंगी।
डॉ॰ नौहेरा शेख ने महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए ऑल इण्डिया महिला एम्पावरमेण्ट पार्टी का वर्ष 2017 मे गठन किया तथा चुनाव आयोग मे उसे पंजीकृत कराया। एम॰ई॰पी॰ का मुख्य राजनीतिक उद्देश्य मानवता के लिए न्याय है। डॉ॰ नौहेरा शेख के अनुसार महिलाओं को न्याय उपलब्ध कराना तथा उनका सशक्तिकरण मानवता का एक महत्वपूर्ण अंग है। एम॰ई॰पी॰ मुख्यरूप से डॉ॰ नौहेरा शेख के दो दशकों तक किए गए समाजिक कार्यों को प्रतिबिन्वित करती है।
परन्तु यह मानना गलत होगा कि डॉ॰ नौहेरा शेख अथवा उनकी एम॰ई॰पी॰ को केवल महिलाओं की ही चिन्ता है। एम॰ई॰पी॰ समाज के हाशिये पर खड़े वर्ग तथा वंचित वर्ग का प्रतिनिधित्व करती है जिसमे किसान, छोटे व्यापारी और अन्य वर्ग शामिल है।
एम॰ई॰पी॰ ने हाल मे सम्पन्न हुए कर्नाटक विधान सभा चुनावों मे पहली बार भाग लिया। हाँलाकि एम॰ई॰पी॰ को किसी भी विधान सभा क्षेत्र मे जीत नहीं मिली परन्तु उसने एक लाख से अधिक मत हासिल करके अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी। राजनीतिज्ञ विशेषज्ञों के अनुसार एम॰ई॰पी॰ कर्नाटक चुनावों मे सबसे बड़ा लाभ यह हुआ कि उसे राष्ट्रीय स्तर पर एक पहचान मिली और इस प्रकार डॉ॰ नौहेरा शेख ने अल्पसंख्यक से ही राजनीतिक सत्ता तो नहीं परन्तु राजनीतिक प्रभाव हासिल कर लिया। हमे यह याद रखना होगा कि कर्नाटक विधान सभा चुनाव केवल एक साधारण चुनाव नहीं था बल्कि वह देश के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी तथा विपक्षी दलों विशेषरूप से काग्रंेस के बीच एक महाभारत था जिसकी परिणति काग्रेंस, जे0डी0एस0 सरकार के रूप मे हुई। इस महाभारत मे एक नये राजनीतिक दल एम0ई॰पी॰ द्वारा एक लाख मत हासिल करना और डॉ॰ नौहेरा शेख का प्रिन्ट और इलैक्ट्रोनिक मीडिया मे धमक जमना कोई कम उपलब्धि नहीं है।
एम॰ई॰पी॰ का भविष्य उज्जवल है परन्तु उसे अपनी कार्यशैली बदलनी होगी। व्यापार तथा राजनीति के सिद्धान्ता अलग अलग है और हम एक एैसे दौर से गुजर रहे हैं जहाँ राजनीति का मतलब केवल चुनावी जंग जीतना है। राजनीतिक पटल पर स्थापित दलों के सामने किसी नए दल का प्रभावी रूप से उभरना आसान नहीं है। एम॰ई॰पी॰ अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है और अब यह एक नया नाम नहीं है। 2022 के दिल्ली और मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की चुनाव, 2022 के दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2024 के लोक सभा चुनाव होंगे उससे पूर्व डॉ॰ नौहेरा शेख और एम॰ई॰पी॰ को जमीनी और मुहल्ला स्तर पर कुछ कार्य करने होगें।
एम॰ई॰पी॰ को चाहिए कि वह सर्वप्रथम राज्य, जिला, तहसील और ब्लाक स्तर पर अपनी समितियाँ गठन करनी होगी। इसी प्रकार पार्टी को नई दिल्ली मे एक प्रधान कार्यालय आवश्यक है जो देश मे पार्टी की गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित कर सके। इसके अलावा एम॰ई॰पी॰ को जनता की समस्यायों पर अपना ध्यान केन्द्रित करना होगा तथा समय समय पर सेमिनार, वर्कशॉप, धरना-प्रदर्शनों का आयोजिन करने होंगे।
इसी प्रकार एम॰ई॰पी॰ को जनहित कार्य जैसे मुख्य मार्गों पर गर्मीयों मे प्याऊ स्थापित करना चाहिए।
किसी भी राजनीतिक दल के प्रचार प्रसार के लिए यह आवश्यक है कि वह मीडिया मे प्रमुख्ता से बना रही एम॰ई॰पी॰ को किसी मीडिया ऐजेन्सी और थिंक टैंक से अनुबन्ध करना चाहिए जैसी भाजपा, त्रिनिमुल कांग्रेस कर रही है। जो पार्टी की ओर से उसकी बैठकों, विचारों, नीतियों और कार्यक्रमों को लगातार प्रचारित और प्रसारित करते रहे।
डॉ0 नौहेरा शेख एक सफल व्यापारी है। परन्तु एम॰ई॰पी॰ को यह सन्देश नहीं देना चाहिए कि वह आर्थिक रूप से सम्पन्न है बल्कि पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर एक सदस्यता अभियान चलाना चाहिए तथा प्रत्येक कार्यक्रम मे यह अपील करनी चाहिए कि लोग एम॰ई॰पी॰ को चन्दा दे चाहें वह केवल पांच रूपया ही हो। इससे दो लाभ होंगे पहला लोगों का पार्टी से मानसिक रूप से जुड़ाव होगा और दूसरा यह सन्देश नहीं जायेगा कि पार्टी धन के आधार राजनीति करना चाहिए।
केवल सोशल साईट जैसे ट्वीटर और फैसबुक पर एम॰ई॰पी॰ की उपस्थिति से पार्टी चुनावी सफर में वह सफलता हासिल नहीं कर पायेगी जो उसका उद्देश्य है। पार्टी को जमीनी स्तर पर कार्य करना होगें।
मेरा मानना है कि डॉ॰ नौहेरा शेख एक इमानदार राजनीतिज्ञ है जो उनके व्यापारिक कार्य मे भी झलकता है। परन्तु फिर भी उनके खिलाफ एक अभियान चलाया गया और कुछ स्वार्था तत्वों ने कर्नाटक मे एफ0आई0आर0 दर्ज करके दावा किया कि पार्टी और डॉ0 नौहेरा शेख ने उनके साथ धोखा किया। राजनीति मे इस प्रकार की समस्यायों से सामना करना होता है। इस सम्बन्ध मे एम॰ई॰पी॰ अथवा डॉ0 नौहेरा शेख को चिन्तित होने की आवश्यक्ता नहीं है और केवल प्रभावी कानूनी लड़ाई होगी।
एम॰ई॰पी॰ का भाविष्य सकारात्मक और उज्जवल है तथा मेरा विश्वास है कि भाविष्य में डॉ0 नौहेरा शेख देश की प्रभावी राजनीतिज्ञ के रूप मे उभरेगी और 2022 के दिल्ली मुंबई के म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और दिल्ली विधानसभा के चुनाव के बाद उन्हें नज़र अन्दाज करना राष्ट्रिय स्तर पर असंभव होगा।
(लेखिका राष्ट्र प्रथम – महिला प्रथम फाउंडेशन की निर्देशिका एवं महिला सशक्तिकरण की पक्षधर हैं। इनसे मिलने का पता nikhatoffice@gmail.com)
