हिंदी विश्‍वविद्यालय में विकसित भारत सेल्‍फी प्वाइंट का किया उद्घाटन

वर्धा: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में भारत सरकार द्वारा विभिन्‍न क्षेत्रों में हासिल की गयी उपलब्धियों को दर्शाने हेतु तथा शोधार्थी एवं विद्यार्थियों में सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘विकसित भारत’ को लेकर  जागरूकता लाने के उद्देश्य से विश्‍वविद्यालय के गांधी हिल्‍स, बोधिसत्‍व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर समता भवन तथा महामंडित राहुल सांस्‍कृत्‍यायन केंद्रीय पुस्‍तकालय के परिसर में सेल्‍फी प्वाइंट का उद्घाटन सोमवार 01 जनवरी को किया गया। गांधी हिल्‍स पर सेल्‍फी प्वाइंट का उद्घाटन अनुवाद एवं निर्वचन विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. कृष्ण कुमार सिंह ने,  बोधिसत्‍व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर समता भवन प्रांगण में मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. फरहद मलिक ने तथा महामंडित राहुल सांस्‍कृत्‍यायन केंद्रीय पुस्‍तकालय परिसर में पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. मैत्रेयी घोष ने फीता काट कर किया।

विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी विश्‍वविद्यालयों के कुलपति और महाविद्यालयों के प्राचार्यों को एक पत्र जारी किया है। पत्र के अनुसार पिछले दिनों भारत ने विभिन्‍न क्षेत्रों में अनेक उपलब्धियां हासिल की है, इससे प्रेरणा प्राप्‍त करने की दिशा में युवाओं को जागरूक किया जाना है। विश्‍व भर में भारत एक युवा देश है। युवाओं की ऊर्जा का लाभ देश के विकास के लिए लिया जा सकता है। सेल्‍फी प्वाइंट  के माध्‍यम से विकसित भारत का प्रसार कर इसका उत्‍सव मनाया जाना चाहिए। एक भारत श्रेष्‍ठ भारत और राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जैसी महत्‍वाकांक्षी योजनाएं सेल्फी पॉंइंट का एक महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा है। विद्यार्थी और आगंतुक इस सेल्‍फी पॉइंट के साथ फोटो खींचकर अपने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म पर साझा कर सकते हैं। सेल्फी प्वाइंट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कट-आउट के साथ सेल्फी ली जा सकती है। सेल्फी के साथ लगे बैनर में सरकार व्दारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी प्रदर्शित की गई है। इस अवसर पर दर्शन एवं संस्‍कृति विभाग  के अध्‍यक्ष डॉ. जयंत उपाध्‍याय,जनसंचार विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. संदीप कुमार वर्मा, डॉ.बालाजी चिरडे, डॉ. कृष्ण चंद्र पाण्डेय, डॉ. वीरेंद्र यादव, परिसर विकास विभाग के शुभम सोनी, जनसंपर्क अधिकारी बी. एस. मिरगे, तुषार वानखेड़े, शील खांडेकर, आनंद विश्वकर्मा, हेमंत दुबे, मिथिलेश राय, सचिन आदि सहित अध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में अनिकेत, सुमेध, अनिल ढोरे, सुनिल लांडे आदि ने सहयोग दिया।