महाराष्ट्र में बंदर और कुत्‍तों के बीच गेंगवर रुकने का नाम नहीं ले रहा, 250 से ज्‍यादा कुत्‍तों की मौत, गिरफ्त में लिए गए दो बंदर

इस मामले को लेकर महाराष्‍ट्र का फॉरेस्‍ट विभाग भी सक्रिय हो गया है। ग्रामीणें का शिकायत के बाद नागपुर की फॉरेस्ट टीम ने दो बंदरों को पकड़ा है, जिन्‍हें पास के जंबह में छोड़ दिया गया है।

नागपुर महाराष्ट्र के बीड़ जिले के माजलगांव में बंदरों और कुत्तों के बीच की लड़ाई का अजीबो गरीब मामला सामने आया है। खबरों की मानें तो बंदरों का समूह करीब 250 कुत्‍तों को मार चुका है। ग्रामीणों ने बताया क‍ि बंदर बदला लेने के लिए ऐसा कर रहे हैं।

क्‍या है पूरा मामला
ग्रामीणों ने बताया क‍ि पहले कुत्‍तों ने बंदर के एक बच्‍चे को मार डाला। इससे नाराज बंदरों के समूह ने कुत्‍तों को मारना शुरू कर दिया। बंदर कुत्‍तों को खींचकर ले जा रहे और उनको छत या पेड़ों से फेंक दे रहे हैं। गांव में हर दिन कुत्‍तों के मरने की खबर आ रही है। क्षेत्र में बंदरों की संख्‍या इतनी ज्‍यादा हो गयी है क‍ि ग्रामीण दहशत के कारण घरों से बाहर निकल नहीं रहे हैं।

फॉरेस्ट विभाग ने पकड़े दो बंदर
इस मामले को लेकर महाराष्‍ट्र का फॉरेस्‍ट विभाग भी सक्रिय हो गया है। ग्रामीणें का शिकायत के बाद नागपुर की फॉरेस्ट टीम ने दो बंदरों को पकड़ा है। वन्य जीव विभाग का कहना है कि इन दोनों बंदरों को पास के किसी जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

गुस्से में बंदर कर सकते हैं ऐसा काम
वन्य जीव विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई दिनों से इस बात की शिकायत मिल रही थी कि दो बंदर, पिल्लों को निशाना बना रहे हैं। उन्हें पकड़ने की कोशिश की जाती थी। लेकिन वो बच निकलने में कामयाब हो जाते थे। लेकिन शनिवार को उन्हें पकड़ने में कामयाबी मिली। उन्हें पिंजड़े में कैद किया गया है। जब उनसे पूछा गया कि बड़ी संख्या में इन बंदरों ने पिल्लों को निशाना क्यों बनाया तो इसके जवाब में अधिकारियों ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि किसी घटना में कुत्तों ने बंदरों के बच्चों पर हमला किया और बदला लेने की नीयत से ये बंदर पिल्लों को निशाना बनाते रहे हों।